Makar Sankranti Festival In Hindi | मकर संक्रांति 2019

मकर संक्रांति (Makar Sankranti Festival In Hindi) हिन्दू धर्म के प्रमुख पर्वो में से एक है जो की प्रति वर्ष सम्पूर्ण भारत और नेपाल सहित अनेक देशो में उमंग और उत्साह के साथ 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है ।हिन्दू कलेंडर के अनुसार पौष मास में जिस दिन सूर्य मकर राशि पर आता है उसी दिन इस पर्व (त्यौहार या उत्सव)को मनाया जाता है ।  इस वर्ष मकर संक्रांति 15 जनवरी 2019 को मानी जा रही है  ।इस दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है ।देश के विभिन हिस्सों में इसे अलग-अलग नाम से जाना जाता है जैसे की तमिलनाडू में इसे पोंगल उत्सव के रूप में मनाया जाता है वही केरल ,कर्नाटक व आंध्रप्रदेश में इस पर्व को सक्रांति कहते है।

 मकर संक्रांति,पोंगल,उत्तरायण,माघी,खिचड़ी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं 

Makar Sankranti Festival In Hindi

About Makar Sankranti Festival In Hindi Information

जाने : मकर संक्रांति को भारत में किस किस नाम से जाना जाता है
  • छत्तीसगढ़, गोआ, ओड़ीसा, हरियाणा, बिहार, झारखण्ड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, राजस्थान, सिक्किम, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, बिहार, पश्चिम बंगाल, और जम्मू : मकर संक्रान्ति 
  • तमिलनाडु : ताइ पोंगल, उझवर तिरुनल /Pongal Festival
  • गुजरात, उत्तराखण्ड : उत्तरायण /Uttarayan Festival
  • हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब : माघी ,लोहड़ी
  • असम : भोगाली बिहु
  • कश्मीर घाटी : शिशुर सेंक्रात 
  • उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार: खिचड़ी पर्व
  • पश्चिम बंगाल :पौष संक्रान्ति 
  • कर्नाटक: मकर संक्रमण 
जाने : विभिन्न देशों में मकर संक्रांति को किस किस नाम से जाना जाता है
  • बांग्लादेश : Shakrain / पौष संक्रान्ति /সাকরাইন
  • नेपाल : माघे संक्रान्ति या ‘माघी संक्रान्ति’ ‘खिचड़ी संक्रान्ति’
  • थाईलैण्ड : สงกรานต์ सोंगकरन
  • लाओस : पि मा लाओ
  • म्यांमार : थिंयान
  • कम्बोडिया : मोहा संगक्रान
  • श्री लंका : पोंगल, उझवर तिरुनल

मकर संक्रांति का महत्व | Importance of Makar Sankranti Festival In Hindi

एक साल में 12 संक्रांतियाँ होती है जिसमें से 6 संक्रांतियाँ उत्तरायण (ग्रंथों में उत्तरायण की अवधि को देवताओं का दिन कहा गया है) की और 6 संक्रांतियाँ दक्षिणायन (दक्षिणायन के समय को देवताओं की रात्रि कहा गया है) की कहलाती है। हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार Makar Sankranti से देवताओं का दिन आरंभ होता है जो कि आषाढ़ मास तक रहता है।Makar Sankranti के दिन से ही सूर्य की उत्तरायण गति भी प्रारम्भ होती है।

भारतीय कैलेंडर 2019 – त्यौहार,व्रत एवम अवकाश 

साथ ही सूर्य भगवान अपनी गति से सभी 12 राशियों में 360 अंश की परिक्रमा 1 वर्ष में पूर्ण करते है। अर्थात वो प्रत्येक राशि में एक माह तक रहते है । हिन्दु पंचाग के अनुसार जब सूर्यदेव सभी 12 राशियों का परिभ्रमण समाप्त कर लेते है तो एक संवत्सर अर्थात एक वर्ष पूर्ण होता है ।हिन्दू शास्त्रों के अनुसार सूर्यदेव जब धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते है तो मकर संक्रांति मनाई जाती है ।

अर्थात् मकर संक्रांति से देवताओं का प्रभात काल का समय माना गया है । इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, तिल से बनी हुई वस्तुओं का दान एवं सेवन, जप, तप, श्राद्ध ,तर्पण, पूजा पाठ आदि धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है की इस दिन किया गया दान सौ गुना बढ़कर पुन: प्राप्त होता है। इस दिन शुद्ध घी एवं कम्बल का दान मोक्ष की प्राप्ति करवाता है। जैसा कि निम्न श्लोक से स्पष्ठ होता है-

माघे मासे महादेव: यो दास्यति घृतकम्बलम।

स भुक्त्वा सकलान भोगान अन्ते मोक्षं प्राप्यति॥

मकर संक्रान्ति का ऐतिहासिक महत्व | Historical significance of Makar Sankranti Festival In Hindi

ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रान्ति के दिन भगवान भास्कर अपने पुत्र शनिदेव से मिलने स्वयं उसके घर जाते हैं। चूँकि शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं, अत: इस दिन को मकर संक्रान्ति के नाम से जाना जाता है। महाभारत काल में भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिये मकर संक्रान्ति का दिन चुना था। मकर संक्रान्ति के दिन ही गंगा नदी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होती हुई सागर में जाकर मिली थीं।

Makar Sankranti 2019 | मकर संक्रांति 14 या 15 जनवरी को, जानें सही तिथि और मुहूर्त

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मकर संक्रांति का पर्व वैसे तो लगभग 14 जनवरी को मनाया जाता है लेकिन पिछले कुछ सालो में इस पर्व की तारीख को लेकर उलझन की स्थिति बनी हुई है और इस वर्ष भी कुछ ऐसा ही है । अगर बात करे गूगल सर्च और कुछ कैलेंडर और पंचांग में जहाँ मकर सक्रांति 14 जनवरी दिखा रहे है वही कुछ विद्वान पंडितों की माने तो इस बार मकर संक्रांति का योग 15 जनवरी को बन रहा है।

अब अगर आप भी इस उलझन में है तो जान लीजिये की मकर संक्रांति की सही तारीख इस बार यानी 2019 में 15 जनवरी को है। दरअसल सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की शाम 7 बजकर 50 मिनट पर हो रहा है। शास्त्रों के नियम के अनुसार रात में संक्रांति होने पर अगले दिन संक्रांति मनाई जाती है। इस नियम के अनुसार ही मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी।

Special of Makar Sankranti Festival in Hindi

इस दिन से शुभ कार्यो का मुहूर्त समय प्रारम्भ हो जाता है। विवाह, मुण्डन, नवीन व्यापारं, ग्रह प्रवेश के लिये लोगो का शुभ मुहूर्त का इन्तजार समाप्त होता है। इस दिन को देवता छ: माह की निद्रा से जागते है। भगवान सूर्य का मकर राशि में प्रवेश एक नयी शुरुआत का दिन होता है।

आधुनिक युग में मकर संक्रान्ति के नये पैमाने

New scale of Makar Sankranti in the modern era : हम भारतीय सभी छोटे बड़े Festival को बड़ी ही धूमधाम से celebrate करते आये है। परन्तु आज के दौर में इंटरनेट ने पूरी दुनिया को जहां आम आदमी की उंगलियों पर पहुंचा दिया है ऐसे में सभी पर्व ,त्यौहार ,इवेंट्स में भी आधुनिकता देखने को मिल रही है । इसके लिए हम अपने दोस्तों ,रिश्तेदारों ,परिवार के सदस्यों को आज के दौर में सोशल मिडिया (WhatsApp,Facebook,Twitter) के माध्यम से शुभकामानाएं, बधाई संदेश देना नही भूलते।

पहले के समय में ऐसे शुभ अवसरों पर जहां एक दुसरे से मिल कर और सब दोस्त ,रिस्तेदार या परिवार के सदस्य इक्कठे हो कर साथ में जश्न मनाते थे और बधाईयां देते थे वही आज के दौर में ये सब सोशल मिडिया में सिमटता जा रहा है और दूर बैठे ही सिर्फ एक मैसेज से ही अपना काम चला लेते है।

उम्मीद करते है की Makar Sankranti Festival In Hindi की जानकारी आपको पसंद आई होगी और हमारे द्वारा दी गयी मकर संक्रांति की जानकारी आपके लिए उपयोगी सिद्ध  हुई होगी . धन्यवाद

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