सरसों का समर्थन मूल्य 4200 पर 3400 में बेचने पर मजबूर किसान

समर्थन मूल्य से नीचे सरसों :-सरसों का समर्थन मूल्य 4200 पर 3400 में बेचने पर मजबूर किसान राजस्थान ,पंजाब ,हरियाणा में सरसों की सरकारी खरीद बेमानी साबित हो रही है । अब तक मिली जानकारी के अनुसार सरसों की ऑनलाइन खरीद किसानों व अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है । एक तरफ जहाँ किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत अपना पंजीकरण करवाया था उन्हें इस योजना का पूरा लाभ नही मिल पा रहा है और उन्हें अपनी सरसों की फसल को 3000 से 3600 तक के दामों पर बेचनी पड़ रही है ।

सरसों का समर्थन मूल्य 4200

दूसरी तरफ किसानों का कहना है की उन्हें ऑनलाइन फसल रजिस्ट्रेशन प्रणाली की जानकारी नही है और ऐसे में हमने जिन सरकारी एजेंसियों के कंप्यूटर ऑपरेटरों से ई-खरीद पोर्टल मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत ऑनलाइन पंजीकरण करवाया था  जहां पर अपनी फसलों की सही जानकारी दी थी परन्तु ऑपरेटरों ने कहीं चना तो कही कुछ अन्य फसलों के नाम लिख दिए थे। ऐसे में प्रदेश में जहां भी सरकारी खरीद केंद्र स्थापित किये गये है उन पर नाममात्र के किसान पहुँच रहे है । जिसका मुख्य कारण है की फसल में नमी की मात्रा ज्यादा होना व फसल कमजोर होने के कारण दाना पूरी तरह विकसित नही होना।

सरसों जो की एक बारानी फसल में आती है तो इसकी परिपक्वता पर हमेशा ही सवालिया निशान बना रहता है ।यही कारण है की इसे सरकारी खरीद केन्द्रों के बजाय निजी एजेंसियों और व्यापारी मनमाने भाव पर सरसों की खरीद की जा रही है ।सरकार ने सरसों का समर्थन मूल्य 2018-19 का 4200 रूपये प्रति क्विंटल तय किया था परन्तुं अनाज मंडियों में यह 3200 से 3600 तक के बीच में बिक रही है ऐसे में किसानों को 700 से 900 रूपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है ।

सरसों का समर्थन मूल्य

यहाँ पर आपको सरसों ,गेहूँ ,जौ,चना ,मसूरइत्यादि के वर्ष 2018-2019 के रबी की फसलों के Rabi crop MSP 2018-19 न्यूनतम समर्थन मूल्य की जानकारी प्रदान की गई है .

Rabi_crop_MSP_2018-19

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